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Sunday, June 7, 2020

समुद्र

मैं कर आई विसर्जित अपने समस्त दुःख
अरब सागर के लवण जल में
कि पूरी पृथ्वी पर वह लवण जल ही तो है
जो करता है दुखों से मुक्त
स्वेद, अश्रु और समुद्र !